“गाँव छोड़ शहर क्यों? क्या अपने सपनों को जन्मभूमि में ही साकार कर सकते हैं?”
लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना आज भारत के गाँवों से युवाओं का शहरों की ओर पलायन एक आम दृश्य बन गया है। गाँव की मिट्टी से उठकर कोई बच्चा जब कड़ी मेहनत से पढ़ाई करता है तो उसका सपना होता है कि वह अपने परिवार का जीवन बदल दे। लेकिन सच यह है कि…
