MB Balwant Singh Khanna

एम बी बलवंत सिंह खन्ना जन्म 18 जुलाई 1989 जन्म स्थान- ग्राम हिर्री पोस्ट ससहा थाना पामगढ़ जिला जांजगीर चाँपा छत्तीसगढ़। वर्तमान निवास- गोल्फ ग्रीन कॉलोनी पुरानी धमतरी रोड रायपुर छत्तीसगढ़ शिक्षा- बी ए (गुरु घासीदास एवं बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर) , एम एस डब्ल्यू(कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय काठडीह रायपुर) वर्तमान कार्य क्षेत्र- संचालक आखर पी आर कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड रायपुर छत्तीसगढ़।

संबंध, सवाल, सम्मान और रुचि

(नव वर्ष की पहली सोच, पहली संवेदना)लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना नव वर्ष केवल कैलेंडर की तारीख बदलने का नाम नहीं होता, यह अपने भीतर झाँकने, अपने संबंधों को टटोलने और जीवन के रास्तों को नए अर्थ देने का अवसर भी होता है। ऐसे समय में जब दुनिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है,…

Read More

‘नाम’

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना ©️ “प्रकृति नाम नहीं पूछती, फिर इंसान क्यों हर पल पहचान ढूँढता है?” इंसान अपने पूरे जीवन में आखिर किसके पीछे भागता है?रोटी, कपड़ा, मकान-ये तो आवश्यकताएँ हैं, पर इन सबसे आगे जो दौड़ है, वह है ‘नाम’ की दौड़। एक ऐसी दौड़, जो जन्म के साथ शुरू होती…

Read More

‘कतार’

“कतार- व्यवस्था, विवशता और हमारी सोच का आईना” लेखक : एम बी बलवंत सिंह खन्ना कतार- एक साधारण सा शब्द, लेकिन हमारे सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक। कतार कभी व्यवस्था का संकेत देती है, तो कभी अव्यवस्था का प्रमाण बन जाती है। कहीं यह अनुशासन सिखाती है, तो कहीं यह हमारी…

Read More

मिट्टी बुला रही थी…

लेखक- एम बी बलवंत सिंह खन्ना सुबह का सूरज अभी ठीक से निकला भी नहीं था।हल्की सुनहरी रोशनी गाँव के पुराने पीपल के नीचे फैल रही थी। वहीं खड़ा था बिरजू-एक साधारण किसान, जिसकी हथेलियाँ सूखी थीं, पर उनमें अब भी मिट्टी की गर्माहट बाकी थी। वह अपने खेतों को देख रहा था। वही ज़मीन,…

Read More

“बेडरूम”

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना विवाह, मर्यादा और बेडरूम की शांत दुनिया की एक कहानी विवाह सिर्फ़ दो लोगों का साथ नहीं—दो संसारों का मिलन है।दो संस्कृतियाँ, दो आदतें, दो परिवार, दो तरीके… सब धीरे-धीरे एक ही धुन में ढलते हैं।और इस धुन को सुर में रखने की सबसे नाज़ुक, सबसे महत्वपूर्ण जगह है—बेडरूम।…

Read More

रायपुर में भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे : एक मैच, एक स्टेडियम और छत्तीसगढ़ का बदलता सफर

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना 3 दिसंबर को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का गवाह बनेगा—जब भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें यहां आमने-सामने होंगी। यह वही स्टेडियम है जिसका उद्घाटन 11 सितंबर 2008 में हुआ था, और जो अपने पहले अन्तरराष्ट्रीय मैच के…

Read More

“जल–जंगल–जमीन और छत्तीसगढ़ : पहचान, संघर्ष और शांति का नया सवाल”

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना छत्तीसगढ़ की मिट्टी हमेशा से शांत रही है -घने वनों, पहाड़ों और जनजातीय संस्कृति की सहजता से भरी हुई। पर हाल के दिनों में राजधानी दिल्ली से लेकर बस्तर तक जिस तरह “जल–जंगल–जमीन” के नाम पर बहसें तेज़ हुई हैं, उसने फिर एक बार इस प्रदेश के मूल प्रश्नों…

Read More

“शाटीदार – एक विलुप्त होती परंपरा और शिक्षा का उजाला”

लेखक – एम. बी. बलवंत सिंह खन्ना ©️ गाँवों की एक पुरानी परंपरा थी-शाटीदारएक ऐसा पद, जो न कहीं दर्ज था, न किसी काग़ज़ में, लेकिन हर परिवार –हर समाज के सुख दुख का कार्यक्रम इसी के भरोसे चलती थी।वो समय जब न मोबाइल था, न व्हाट्सएप, न कोई इवेंट मैनेजमेंट किसी घर में छट्ठी…

Read More

मिस्टर नंबर चोर

लेखक: एम. बी. बलवंत सिंह खन्ना ©️ वो वक्त था जब प्यार के लिए सोशल मीडिया नहीं, साहस और संयोग की ज़रूरत होती थी।जब मोहब्बतें चिट्ठियों से चलती थीं और मोबाइल नाम का चमत्कार शहरों के साथ गांवों में दस्तक दे रहा था।साल था 2008 जब हर हाथ में की-पैड मोबाइल आने लगे थे जिसमे…

Read More

भारत की बेटी का अभ्युदय: संघर्ष से शिखर तक

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना आज भारतीय इतिहास की नई प्रभात है। वह क्षण, जब करोड़ों हृदयों ने गर्व की धड़कन महसूस की। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतकर यह प्रमाणित कर दिया — सपनों का कोई लिंग नहीं होता, केवल समर्पण और साहस होता है।यह विजय केवल खेल…

Read More
Back To Top