नीलकंठ -जब प्रेम ने विज्ञान से पूछा, “भक्ति क्या है?”
लेखक: एम बलवंत सिंह खन्ना सावन का चौथा सोमवार था। सुबह से ही शहर के शिवालयों में घंटियों की आवाज गूंज रही थी। कहीं कांवड़िए भगवा वस्त्रों में हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तो कहीं महिलाएँ और युवतियाँ शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए कतार में खड़ी थीं। सोशल मीडिया…
