मिट्टी बुला रही थी…
लेखक- एम बी बलवंत सिंह खन्ना सुबह का सूरज अभी ठीक से निकला भी नहीं था।हल्की सुनहरी रोशनी गाँव के पुराने पीपल के नीचे फैल रही थी। वहीं खड़ा था बिरजू-एक साधारण किसान, जिसकी हथेलियाँ सूखी थीं, पर उनमें अब भी मिट्टी की गर्माहट बाकी थी। वह अपने खेतों को देख रहा था। वही ज़मीन,…
