“अगर भटकी पत्नी हो…!!”
(मातृ शक्ति से मानव शक्ति तक की यात्रा) लेखक: एम. बी. बलवंत सिंह खन्ना पिछले सप्ताह जब मेरी कहानी “ओ री पत्नी” प्रकाशित हुई, तो अनेक पाठकों ने सराहना की। सबने माना कि एक स्त्री, एक पत्नी, किस तरह अपने प्रेम, धैर्य और मौन से टूटते रिश्ते को सँभाल लेती है।पर उसी प्रशंसा के बीच…
