साधराम की यादों का कोठार

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के पामगढ़ तहसील के गाँव हिर्री की मिट्टी में एक पुराना और साधारण परिवार बसा हुआ था, जो पिछले कई पीढ़ियों से इस गाँव में निवासरत हैं। इस परिवार की कहानी साधराम से शुरू होती है, जो 70 वर्ष का किसान था। उसका जीवन सादगी और अनुभव का अनूठा उदाहरण था।…

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“आँगन की साँसें: एक खोई विरासत का पुनर्जागरण”

वर्षों पहले गाँव के एक कोने में बसा एक छोटा सा घर था। घर के बीचों-बीच एक आँगन था, जहाँ तुलसी का चौरा हर सुबह धूप और जल से पूजित होता था। आँगन में सुबह की किरणें जब गिरतीं, तो पूरे घर में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार होता। बच्चे वहीं खेलते, बूढ़े दादा-दादी अपनी…

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