उदन्त मार्तंड: उस पहले दीपक की कहानी जिसने हिंदी पत्रकारिता की राह रोशन की
लेखक- दिव्यांशु कश्यप जब हम आज सुबह की चाय के साथ अख़बार खोलते हैं या सोशल मीडिया पर हिंदी में कोई खबर पढ़ते हैं, तो शायद ही सोचते हैं कि इस अभिव्यक्ति की आज़ादी की शुरुआत कब और कैसे हुई होगी। पर कभी-कभी इतिहास की धूल में छुपे उन पहले क़दमों को याद करना ज़रूरी…
