नशे की गिरफ्त: एक समाज की डगमगाती नींव

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना रात का सन्नाटा था, लेकिन धमतरी की सड़कों पर गाड़ियों की लाइटें किसी अशुभ घटना का संकेत दे रही थीं। पुलिस की गाड़ी में बैठे तीन युवक—चेहरे पर नशे की चमक और बेखौफ मुस्कान—मानो दुनिया को यह जताने आए हों कि अपराध उनके लिए कोई डर का विषय नहीं…

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“कपड़े सस्ते थे, सपने नहीं”

रायपुर में जन्मा आत्मविश्वास, जो अब कभी कम नहीं होता रायपुर मेरे लिए केवल एक शहर नहीं रहा।यह मेरे व्यक्तित्व का निर्माण स्थल है, मेरी आत्मा का रंग, और मेरे सपनों का पहला ठिकाना। छोटे कस्बे से निकलकर जब मैं इस शहर की धड़कन में शामिल हुआ, तब न तो जेब भारी थी और न…

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“धुएं में उड़ता बचपन – वर्तमान समय की नई चुनौती”

लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना बचपन जो सादगी और मासूमियत के लिए जाना जाता है, आज एक नई सामाजिक बीमारी से जूझ रहा है। बचपन जहां लोग अपनी सहजता और अपनत्व से किसी को भी “अपना” बना लेते हैं, अब उसी समाज में एक गंभीर समस्या चुपचाप जड़ें जमा रही है – कम उम्र…

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“गुज़र जाना चाहिए”

(एक ऐसे प्रेम की कहानी, जिसे कोई नाम नहीं चाहिए) लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना वो किसी रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर देखते हुए अचानक बोला था —“हम मिलते तो हैं, लेकिन शायद ज़रूरत से ज़्यादा देर के लिए…” और मैं हँस दी थी, जैसे कोई गंभीर बात को हल्का करना चाहती हो।हम दोनों…

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“ईमानदारी की पाठशाला”

वर्ष 2005 का समय था। जांजगीर जिले में शिक्षा का माहौल कुछ और ही था, एक ऐसा माहौल जिसे अब सोचकर भी अजीब लगता है। नकल का इतना जोर था कि परीक्षा देने वाला हर विद्यार्थी असमंजस में होता कि वह मेहनत करे या नकल के भरोसे बैठे। परीक्षा केंद्रों पर नकल करवाने वालों की…

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“भोलेनाथ का आशीर्वाद: प्रेम और विश्वास की अनंत शक्ति”

छोटे से गांव में एक साधारण और निश्चल व्यक्ति रहता था जिसका नाम रामू था। रामू का जीवन कठिनाइयों से भरा था। बचपन में ही उसने अपने माता-पिता को खो दिया था और उसका पालन-पोषण उसकी बूढ़ी दादी ने किया। वह बचपन से ही सरल, निर्दोष और दूसरों की मदद करने में हमेशा आगे रहता…

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“आवश्यकता है-“सपनों की राह”

आकाश, एक साधारण सा युवक था, जो गाँव की मिट्टी से बेतरह जुड़ा हुआ था। उसके सपने बड़े थे, और उन्हें पूरा करने का दृढ़ निश्चय भी। गाँव के स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसने अपने पिता की सलाह पर कस्बे के कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज की पढ़ाई खत्म होते ही, आकाश…

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