“क्लिक से रिश्ता, दस्तख़त से जुदाई”

(एक कहानी, जो हज़ारों के आईने में खुद को देखती है) रुचि कभी ज़्यादा बोलने वाली नहीं थी। लेकिन उसकी चुप्पी में वो सब था, जो शब्द कभी कह नहीं पाते। माँ के मस्तिष्क में उभरते हुए सफ़ेद बाल और पिताजी की झुकी हुई पीठ के बीच, उसने अपने सपनों को तह करके अलमारी के…

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“क्लिक से रिश्ता, दस्तख़त से जुदाई”

“क्लिक से रिश्ता, दस्तख़त से जुदाई”(एक कहानी, जो हज़ारों के आईने में खुद को देखती है) रुचि कभी ज़्यादा बोलने वाली नहीं थी। लेकिन उसकी चुप्पी में वो सब था, जो शब्द कभी कह नहीं पाते। माँ के मस्तिष्क में उभरते हुए सफ़ेद बाल और पिताजी की झुकी हुई पीठ के बीच, उसने अपने सपनों…

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“ईमानदारी की पाठशाला”

वर्ष 2005 का समय था। जांजगीर जिले में शिक्षा का माहौल कुछ और ही था, एक ऐसा माहौल जिसे अब सोचकर भी अजीब लगता है। नकल का इतना जोर था कि परीक्षा देने वाला हर विद्यार्थी असमंजस में होता कि वह मेहनत करे या नकल के भरोसे बैठे। परीक्षा केंद्रों पर नकल करवाने वालों की…

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“आवश्यकता है-“सपनों की राह”

आकाश, एक साधारण सा युवक था, जो गाँव की मिट्टी से बेतरह जुड़ा हुआ था। उसके सपने बड़े थे, और उन्हें पूरा करने का दृढ़ निश्चय भी। गाँव के स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसने अपने पिता की सलाह पर कस्बे के कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज की पढ़ाई खत्म होते ही, आकाश…

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