MB Balwant Singh Khanna

एम बी बलवंत सिंह खन्ना जन्म 18 जुलाई 1989 जन्म स्थान- ग्राम हिर्री पोस्ट ससहा थाना पामगढ़ जिला जांजगीर चाँपा छत्तीसगढ़। वर्तमान निवास- गोल्फ ग्रीन कॉलोनी पुरानी धमतरी रोड रायपुर छत्तीसगढ़ शिक्षा- बी ए (गुरु घासीदास एवं बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर) , एम एस डब्ल्यू(कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय काठडीह रायपुर) वर्तमान कार्य क्षेत्र- संचालक आखर पी आर कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड रायपुर छत्तीसगढ़।

“भटकी पीढ़ी और शिक्षा की खोती विरासत”

“भटकी पीढ़ी और शिक्षा की खोती विरासत” करीब पंद्रह-बीस साल पहले की बात है, जब गाँव की गली में हमारे छोटे दादा जी का आना किसी सन्नाटे से कम नहीं होता था। वह जब भी पैदल चलते, उनके मजबूत कदमों की आहट सुनकर हम बच्चे छिप जाते। उनकी उपस्थिति ही हमें अनुशासन का पाठ पढ़ा…

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“पलास के फूलों की परंपरा”

गाँव की गलियाँ होली के रंग में डूबी रहती थीं, जब चारों तरफ़ से ढोलक की धुन और होली के गीत गूंजते थे। 90 के दशक में होली की एक खास बात थी – यह त्योहार सिर्फ़ हंसी-खुशी का नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य और भाईचारे का प्रतीक भी था। उस समय की होली…

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शहीद चंद्रशेखर: एक वीर योद्धा की अनसुनी कहानी

“कर्तव्य की अंतिम पंक्ति” चंद्रशेखर कुर्रे का जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी तहसील के छोटे से गांव जलसो में हुआ था। साधारण परिवार में पले-बढ़े चंद्रशेखर का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा रहा। पिता एक किसान थे, जो मेहनत करके परिवार का पेट पालते थे। चंद्रशेखर का बचपन बहुत कठिनाइयों में बीता। आर्थिक…

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साहस की यात्रा: नारी सबला की साहस

शहर में कुमार और प्रतीक्षा अपने छह साल की बेटी के साथ रहते थे। उनका जीवन एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार जैसा था—शांति, मेहनत और सपने से भरा हुआ। दिसंबर का महीना था, और शीतकालीन छुट्टियों के दौरान प्रतीक्षा ने अपने मायके जाने का निश्चय किया। यह यात्रा उसके लिए खास थी क्योंकि वह अपनी…

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“शब्दों की धरोहर: एक लेखक की यात्रा नवभारत से डिजिटल युग तक”

“शब्दों की धरोहर: एक लेखक की यात्रा नवभारत से डिजिटल युग तक” करीब बीस साल पहले की बात है, जब हर सुबह हमारे घर में नवभारत अखबार का आना एक पारिवारिक रिवाज था। अखबार के पन्नों में खबरें तो होतीं, लेकिन मेरे लिए सबसे प्रिय हिस्सा था—शब्दावली वाला पृष्ठ। जैसे ही अखबार मेरे हाथ में…

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“भोलेनाथ का आशीर्वाद: प्रेम और विश्वास की अनंत शक्ति”

छोटे से गांव में एक साधारण और निश्चल व्यक्ति रहता था जिसका नाम रामू था। रामू का जीवन कठिनाइयों से भरा था। बचपन में ही उसने अपने माता-पिता को खो दिया था और उसका पालन-पोषण उसकी बूढ़ी दादी ने किया। वह बचपन से ही सरल, निर्दोष और दूसरों की मदद करने में हमेशा आगे रहता…

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“सायबर कैफ़े”

रायपुर की सड़कों पर बसंत की हल्की धूप थी, जब 2008 में मैं कुकरी पारा के किराए के मकान में रहा करता था। शहर उस समय तकनीक के लिहाज से बस अपनी जगह बना रहा था। न स्मार्टफ़ोन थे, न ही घर-घर इंटरनेट। मनोरंजन के साधन के नाम पर मेरे पास सिर्फ़ एक नोकिया 1600…

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“गाँव की नई सुबह,पंचायती राज से सशक्त होता छत्तीसगढ़”

छत्तीसगढ़ के छोटे से गाँव रसौटा में चुनावी माहौल गर्म था। गाँव की गलियों में रोज़ चर्चाएँ होतीं, जनसभाएँ होतीं, और प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ घर-घर जाकर समर्थन मांग रहे थे। हर किसी के चेहरे पर उम्मीद और उत्साह झलक रहा था। पंचायत चुनाव नज़दीक थे, और गाँव के लोग बड़ी दिलचस्पी के साथ…

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अनसुनी चेतावनी…!!!

“जो आवाज़ हम नहीं सुनते, वो कभी-कभी काफ़ी देर बाद सुनाई देती है…”“प्रकृति को नजरअंदाज करने की कीमत हमेशा चुकानी पड़ती है।” दोपहर का वक्त था, ऑफिस में काम के बीच घिरा हुआ था। लंच का समय हो चुका था, लेकिन काम की व्यस्तता इतनी थी कि खाने का ख्याल भी नहीं आया। तभी मोबाइल…

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खंडहर होती यादें

विगत दिनों पिता जी का 86 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हो गया। आज गाँव में उनकी तेरहवीं पूरी विधि-विधान से सम्पन्न की गई। पिता जी की आखिरी साँसें शहर के हमारे घर पर निकलीं, लेकिन उनका मन हमेशा गाँव में ही बसा था। उम्र के आखिरी पड़ाव पर, मजबूरी में हमें उन्हें शहर लाना…

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