ग़रीब का आशियाना: विकास बनाम विस्थापन की दास्तान

जब मानव ने पृथ्वी पर जीवन शुरू किया, उसकी बुनियादी ज़रूरतें थीं—भोजन, वस्त्र और आश्रय। पाषाण युग में गुफाएं उसकी छत थीं, पत्ते और जानवरों की खालें वस्त्र। फिर समय के साथ मानव ने खेती, निर्माण और बुनाई सीखी, समाज बना, नगर बसे, शासन और कानून विकसित हुए। शिक्षा, चिकित्सा, और कारोबार जैसे क्षेत्र आगे…

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“ईमानदारी की पाठशाला”

वर्ष 2005 का समय था। जांजगीर जिले में शिक्षा का माहौल कुछ और ही था, एक ऐसा माहौल जिसे अब सोचकर भी अजीब लगता है। नकल का इतना जोर था कि परीक्षा देने वाला हर विद्यार्थी असमंजस में होता कि वह मेहनत करे या नकल के भरोसे बैठे। परीक्षा केंद्रों पर नकल करवाने वालों की…

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