नशे की गिरफ्त: एक समाज की डगमगाती नींव
लेखक: एम बी बलवंत सिंह खन्ना रात का सन्नाटा था, लेकिन धमतरी की सड़कों पर गाड़ियों की लाइटें किसी अशुभ घटना का संकेत दे रही थीं। पुलिस की गाड़ी में बैठे तीन युवक—चेहरे पर नशे की चमक और बेखौफ मुस्कान—मानो दुनिया को यह जताने आए हों कि अपराध उनके लिए कोई डर का विषय नहीं…
